गोमुखासन के फायदे और विधि | Benefits And Method Of Gomukhasana In Hindi.

गोमुखासन के फायदे और विधि | Benefits And Method Of Gomukhasana In Hindi.

सर्वाइकल स्पॉेण्डिलाइटिस, सेक्सुअल प्रोब्लेम्स और रीढ़ की हड्डी सम्बंधित समस्या के लिए Benefits And Method Of Gomukhasana In Hindi के बारे में अवश्य पढ़ें।

जिन लोगों को साइटिका, अपचन, बवासीर, मधुमेह और कमर में दर्द और शीघ्रपतन आदि समस्या है उनके लिए यह आसन बहुत ही लाभदायक है।

इस गोमुखासन को नाम से ही पता चल रहा है कि गोमुखासन मतलब गाय का चेहरा या गाय का मुख।

गोमुखासन को करते समय गोमुख की तरह आकृति हो जाती है इसीलिए इसको गोमुखासन कहते हैं।

इस आसान को अंग्रेजी में Cow Face पोज़ भी कहते है।

यह गोमुखासन औरतों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।

इस गोमुखासन करने की विधि, इसके लाभ और सावधानियां – Benefits And Method Of Gomukhasana In Hindi आपको नीचे बताई गई है जिनको आप पढ़ कर आसानी से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

गोमुखासन करने का तरीका बहुत ही सरल है, आप नीचे बताए गए  Benefits And Method Of Gomukhasana  In Hindi को करके अच्छे से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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गोमुखासन के फायदे – Gomukhasana Ke Fayde/ Benefits Of Gomukhasana.

  • सेक्सुअल प्रोब्लम्स व शीघ्रपतन सम्बंधित समस्याओं को दूर करने में यह आसन बहुत ही लाभदायक है।
  • यह स्त्री रोगों के लिए भी बहुत लाभदायक है।
  • यह गोमुखासन करने से शरीर सुड़ौल एवं लचकदार बनता है।
  • गोमुखासन पैंक्रियास को उत्तेजित करता है और मधुमेह सम्बंधित समस्याओं को कंट्रोल करने में सहायक है।
  • इस आसन के अभ्यास से आप बहुत सारी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं ।
  • कंधे की जकड़न, गर्दन में दर्द, तथा सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में ये आसन विशेष लाभप्रद है।
  • अस्थमा रोगियों के लिए भी यह गोमुखासन – Gomukhasan लाभदायक है।
  • गोमुखासन का अभ्यास करने से बवासीर के रोग में भी लाभ करता है।

गोमुखासन करने की विधि – Gomukhasana Krne Ki Vidhi/ Method Of Gomukhasana.

  • सबसे पहले आप अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं और अपने दोनों हाथ बगल में रखें।
  • बाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए दाएं नितंब (Buttocks) की साइड से जमीन पर रखें।
  • इसी प्रकार दाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पांव के ऊपर से लाएं और दाएं एडी को बाए नितंब के पास रखें।
  • अब आप बाएं हाथ को उठाएं और इसको कोहनी से मोड़ते हुए अपने कंधों के पीछे ले जाएं।
  • दाएं हाथ को उठाकर कोहनी से मोड़ते हुए उपर की ओर पीठ के पीछे ले जाएं।
  • हाथो को इस प्रकार रखे की पीठ के पीछे यह एक दूसरे से पकडे जा सके।
  • जितना हो सके शरीर को सीधा रखने का प्रयास करे।
  • जहां तक हो सके आगे देखने का प्रयास करें और अपने हिसाब से आसान को धारण करें।
  • अब अपने पेरों को बदलते हुए इसे दोबारा करने की कोशिश करे।
  • इस तरह से आप गोमुखासन को 3 से 5 बार करें।

गोमुखासन करने में सावधानियाँ- Gomukhasana Krne Men Savdhaniyan.

  • गंभीर कमर दर्द और कन्धों के दर्द में इस गोमुखासन/ Gomukhasana को नहीं करना चाहिए।
  • हाथ और पैर में ज़्यदा दर्द होने पर इस आसन का अभ्यास न करें।
  • रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर समस्या हो तो इस आसन को न करें।
  • अगर पीठ के पीछे हाथ बंधने में परेशानी हो रही हो तो जोर जबरदस्ती यह आसन न करें।
  • घुटनों में दर्द भी होने पर इसका अभ्यास न करें।

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