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धनुरासन करने की विधि और लाभ। Benefits Of Dhanurasana In Hindi

धनुरासन करने की विधि और लाभ। Benefits of Dhanurasana in Hindi

धनुरासन करने की विधि और लाभ। Benefits of Dhanurasana in Hindi

 

धनुरासन। Dhanurasana.

Dhanurasana रीढ़ की हड्डियों को सही रखने में उपयोगी है। यह वजन को कम करता है, साथ ही शरीर को सुडौल भी बनाता है।आज Benefits of Dhanurasana in Hindi के बारे में जानेंगे।

इस आसन को करने से शरीर का आकार “धनुष” के जैसा हो जाता है, इसीलिए इस आसन को धनुरासन (Dhanurasana) या Bow Pose कहा जाता है। इस आसन का अधिक लाभ प्राप्त करना चाहते है, तो पहले भुजंगासन फिर शलभासन अंत में धनुरासन का अभ्यास करें। इन तीनों आसनों को एक साथ करने पर इसे “योगसनत्रयी” कहते हैं।

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Benefits of Dhanurasana in Hindi

 

धनुरासन के नियमित अभ्यास से रीड़ की हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह आसन हमारा वजन करता है, साथ ही हमारे शरीर को सुडौल भी बनाता है। Dhanurasana का नियमित अभ्यास सुबह-शाम खाली पेट करना अधिक लाभदायक होता है। साथ ही इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं।

 

धनुरासन का सही अभ्यास करने से पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर होती है। यह Dhanurasana यौन क्षमता को बढ़ाता है, साथ ही शीघ्र पतन की समस्या को भी दूर करता है। Benefits of Dhanurasana in Hindi.

 

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धनुरासन करने की विधि । How to do Dhanurasana.

  • इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम किसी समतल व आराम दायक जगह पर दरी या  Yoga Mat ( चटाई) बिछा कर बैठ जाएं।
  • धनुरासन करने के लिए Yoga Mat पर पेट के बल लेट जाएं।
  • अब अपनी ठोडी (Chin) को जमीन से स्पर्श करा कर रखें। यह प्रारंभिक अवस्था है।
  • अब दोनों हाथों को पैरों की दिशा में सीधा करके रखें। हाथ की हथेली आसमान की ओर होनी चाहिए।
  • अब धीरे-धीरे दोनों घुटनों को मोड़े तथा एड़ी को जितना हो उतना अपने नितंबों के पास लाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों से दोनों पैरों के टखने (Ankle) को पकड़े।
  • अब ठोडी (Chin) के साथ गर्दन को भी ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस स्थिति में जितनी देर आराम के साथ रह सकें रहे।
  • इसके बाद धीरे-धीरे शरीर के मांसपेशियों को ढीला करते हुए कुल्हों और जांघों को जमीन की ओर लें आयें।
  • अब शरीर के आगे के भाग को भी अर्थात छाती और सिर को भी जमीन पर लें आएं।
  • अब दोनों हाथों से एड़ी को भी छोड़ दें। आसन के प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • अंत में पेट के बल थोड़ी देर वैसे ही रुकें। पुनः दूसरी बार करें।
  • ऐसा ही 3-5 बार करें। अंत में विश्राम या शवासन करें।

 

Benefits of Dhanurasana in Hindi

 

धनुरासन करने के लाभ । Benefits of Dhanurasana.

 

  • धनुरासन रीढ़ की हड्डियों के सही आकार में बनाये रखने में मदद करता है।
  • यह रीढ़ की हड्डियों के मासपेशियों तथा पीठ के तंत्रिकाओं में ताकत बढ़ाता है।
  • यह आसन पाचन-तंत्र के अंगों को मजबूत बनाता है।
  • यह हाथ और पैर के मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • यह पेट के अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। साथ ही मोटापा को दूर भगाता है।
  • यह वज़न, अपच तथा पाचन संबंधित विकारों को दूर करता है।
  • धनुरासन महिलाओं के मासिक धर्म संबंधित विकारों को दूर करने में मदद करता है।
    इसका अभ्यास मधुमेह रोग में बहुत ही प्रभावी है।
  • इसका अभ्यास करने से रक्त का प्रवाह शरीर के प्रत्येक हिस्सों में समान रूप से होता है।
  • धनुरासन करने से हृदय स्वस्थ बना रहता है।
  • इसका करने से शीघ्र पतन की समस्या दूर होती है।

 

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धनुरासन करने में  सावधानी । Precaution & Side-Effects Of Dhanurasana.

 

  • हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को भी इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • महिलाओं को मासिक धर्म के समय धनुरासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को धनुरासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि हाल में पेट की सर्जरी हुआ हो या हर्निया अथवा अल्सर जैसी समस्या होने पर इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • रीढ़ की हड्डियों में किसी प्रकार की समस्या में यह आसन न करें।

Benefits of Dhanurasana in Hindi.

आप  विशेषज्ञ योग शिक्षक के सानिध्य में ही योग का अभ्यास करें।
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