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नौकासन करने की विधि और लाभ। Benefits Of Naukasana In Hindi.

नौकासन करने की विधि और लाभ। Benefits of Naukasana in Hindi.

नौकासन करने की विधि और लाभ। Benefits of Naukasana in Hindi.

 

नौकासन

 

Naukasana Yoga का नियमित अभ्यास से पेट की सारी समस्याएं दूर होती है। यह आसन पाचन क्रिया को ठीक करने में सहायक होता है। इसीलिए हम नौकासन करने की विधि और लाभ के बारे में Benefits of Naukasana in Hindi. जानेंगे ।

 

Benefits of Naukasana in Hindi.

 

अगर हमारी पाचन क्रिया तंदुरुस्त रहेगी, तो पेट संबंधित सभी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। क्योंकि हमारे शरीर में ज्यादातर बीमारियां पेट से ही उत्पन्न होती हैं।

आज अधिकतर लोग पेट से जुड़ी समस्या से परेशान हैं। इसका मुख्य कारण है, खान-पान और दिनचर्या का सही नहीं होना। इसके कारण हमारे शरीर के अंदर पाचन क्रिया सही नहीं हो पाता है। जिससे हमारे शरीर को कई तरह के बीमारियों से हमें जूझना पड़ता है।

नौकासन yogasana को एक नाव की pose में किया जाता है इसलिए इस आसन को हमलोग नौकासन कहते हैं। Naukasan yoga का अभ्यास नियमित रूप से करने पर पेट और कमर के नजदीक चर्बी जमा नहीं होती हैं।

इसके अलावा पेट के आसपास के मासपेशियां भी मजबूत बनती है। नौकासन करने की विधि और लाभ के बारे में Benefits of Naukasana in Hindi.

 

नौकासन करने की विधि: How to do Naukasana in Hindi.

 

  • नौकासन करने के लिए सर्वप्रथम साफ वातावरण में चटाई या दरी बिछा लें।
  • नौकासन योगाभ्यास करने के लिए पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • अपनी दोनों एड़ी और पैर के पंजे को आपस में मिला लें, और अपने दोनों हाथों को कमर से सटा कर रखें।
  • दोनों हाथ की हथेली नीचे जमीन की ओर रखें।
  • गर्दन को एक सीध में रखें।
  • अब नौकासन pose में आने के लिए अपने दोनों पैरों, गर्दन और हाथों को धीरे-धीरे से ऊपर की ओर उठाएं।
  • अब अपने पूरे शरीर का वजन नितम्ब पर बनाये रखें।
  • अब नौकासन मुद्रा में 30-50 सेकेंड तक के लिए बने रहें।
  • ततपश्चात धीरे से वापस पीठ के बल शवासन में लेट जाएं।
  • नौकासन का अभ्यास 4-5 बार तक कर सकते हैं।

 

Benefits of Naukasana

 

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नौकासन करने से लाभ: Benefits of Naukasana in Hindi.

 

  •  इस आसन को करने से हमारा पाचन तंत्र में सुधार होता है।
  • नौकासन करने से हमारी रीढ़ की हड्डियां सीधी औऱ मजबूत होती है।
  • नौकासन करने से हमारे कमर और कंधों की चर्बी कम होती है।
  • नौकासन का अभ्यास शारीरिक अंगों में संतुलन बनाएं रखने में उत्तम है।
  • नौकासन करने से सिर से लेकर पैरों तक खिंचाव होता है, जिससे शरीर के अंदर शुद्ध रक्त तीव्र गति से प्रवाहित होता है, जिसके कारण हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है।
  • नौकासन नींद संबंधित समस्याओं में भी उपयोगी है।
  •  हार्निया ( hernia) के रोगियों के लिए भी यह नौकासन अत्यंत ही लाभकारी होता है।
  • नौकासन करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि समस्याओं में लाभ मिलता है।
  • Naukasana करने से weight loss में भी होता है।

 

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नौकासनकरने में  सावधानी। Precaution & Side-Effects Of  Naukasana:

 

  • जिन्हें अनिद्रा व हृदय संबंधी समस्या होने पर नौकासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • अल्सर व कोलाइटिस वाले लोगों को वज्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • शुरुआत में पूरा ऊपर उठाने में परेशानी हो सकती है, प्रारंभ में अपने क्षमता के अनुसार ही ऊपर उठाएं।
  • इस आसन का अभ्यास खाली पेट ही करें।
  • कमर में दर्द होने पर इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • मेरुदंड में कड़ापन या पेट संबंधी गंभीर रोग हो तो भी यह आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

आप  विशेषज्ञ योग शिक्षक के सानिध्य में ही योग का अभ्यास करें।

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