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सूर्य नमस्कार करने की विधि और लाभ। Benefits Of Surya Namaskar In Hindi.

सूर्य नमस्कार करने की विधि और लाभ। Benefits of Surya Namaskar in Hindi.

सूर्य नमस्कार करने की विधि और लाभ। Benefits of Surya Namaskar in Hindi.

 

सूर्य नमस्कार । Surya Namaskar:

 

Surya Namaskar/ सूर्यनमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह सम्पूर्ण योगासन का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। आज Benefits of Surya Namaskarin Hindi के बारे में जानेगें।

 

सूर्य नमस्कार करने से शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है।
( जो व्यक्ति प्रतिदिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, वीर्य, बल और तेज बढ़ता चला जाता है। )

 

Benefits of Surya Namaskarin Hindi.

 

सूर्य नमस्कार करने वाले व्यक्ति को और कोई आसन करने की आवश्यकता नहीं रहती है।आज हम सूर्य नमस्कार करने की विधि और लाभ। Benefits of Surya Namaskarin Hindi के बारे में जानेगें :–

 

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सूर्य नमस्कार को बारह चरणों में किया जाता है– Surya Namaskar

 

1. सर्व प्रथम दोनों पंजों को एक साथ रखकर सीधे खड़े हो जाए। कोहनीयों को धीरे से मोड़कर नमस्कार की मुद्रा में हाथ को छाती के सामने लाये।

2. दूसरे चरण में अपने दोनों हाथों को सीधे रखकर ऊपर की ओर ले जाएं, और जितना हो सके उतना पीछे की ओर झुके। परंतु ध्यान रखें अपने कमर का संतुलन बना रहे।

3. तीसरे चरण में सांस को छोड़ते हुए धीरे से झुके और दोनों हाथों को अपने पैरों के पास नीचे की ओर लगाए।

4. चौथे चरण में सांस लेते हुए हथेलियों को पैर के पंजे के बगल में सीधा रखें। और अपने दाहिने पैर को जितना संभव हो पीछे की ओर ले जाये। साथ ही अपने शरीर का भार दोनों हाथ पर रखते हुए हाथों को सीधा रखें। बायें पैर को आगे की ओर मोड़े। अपने सिर को सामने की ओर ले और आगे से ऊपर की ओर देखें।

5. पांचवे चरण में सांस को अन्दर लेते हुए बायें पैर को भी पीछे ले जाएं। इस आसन में आपका पूरा शरीर दंड के समान सीधे रखें। अपने पूरे शरीर का भार दोनों हाथ और दोनों पैरों के पंजो पर होना चाहिए। कुछ समय इसी मुद्रा में बनें रहें।

6. छठे चरण में सांस को छोड़ते हुए अष्टांग मुद्रा में आ जाएं। इस आसन में पैर के पंजे, घुटनों, छाती और ठुड्ढी को नीचे जमीन पर स्पर्श कराएं। कुछ समय इसी मुद्रा में बनें रहें।

 

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Benefits of Surya Namaskar in Hindi.

 

7. सातवें चरण में सांस को अंदर लेते हुए घुटनें, जांघ और कमर के भाग को जमीन से स्पर्श कराएं। दोनों कोहनियों को थोड़ा मोड़कर छाती को ऊपर उठाते हुए मुख को ऊपर की ओर उठाएं। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में बनें रहें।

8. आठवें चरण में सांस को बाहर छोड़ते हुए पर्वत के के समान मुद्रा बनाएं। इसमें अपने शरीर का भार दोनों हाथ और दोनों पैरों के पंजों पर रखें और अपने कमर के भाग को ऊपर की ओर उठाएं तथा मुँह को ज़मीन की ओर लाएं और अपने नाभि को देखने की कोशिश करें। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में बनें रहें।

9. नौवें चरण यह स्थिति चौथी स्थिति के समान हीं है। इस स्थिति में हथेलियों को भूमि पर टिकाएं। श्वास को लेते हुए दायें पैर को पीछे की ओर ले जायें। अब गर्दन को ऊपर उठाएँ। अब इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें।

10. दसवें चरण यह स्थिति तीसरी स्थिति के समान हीं हैं। इस स्थिति में आगे की ओर झुकतें हुए श्वास को धीरे-धीरे बाहर निकालें। हाथों को गर्दन के साथ, कानों से लगाते हुए नीचे लेकर जाएँ और हाथों से पृथ्वी का स्पर्श करें। अब कुछ क्षण इसी स्थिति में रुकें और घुटनों को एक दम सीधा रखें।

11. ग्यारवें चरण यह स्थिति दूसरी स्थिति के समान हीं हैं। इसमें धीरे धीरे श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाते हुए ऊपर की ओर तानें तथा भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकायें।

12. बारहवें चरण यह स्थिति पहली स्थिति के समान हीं रहेंगी।

सूर्य नमस्कार को करने के बाद कुछ समय शवासन करें।

 

सूर्य नमस्कार करने के लाभ। Benefits of Surya Namaskar:

 

  • सूर्य नमस्कार की बारह स्थितियाँ हमारे शरीर के समस्त रोगों को दूर करते हुए हमें निरोगी बनाती हैं।
  • इसके नियमित अभ्यास से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है।
  • सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से करने से शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न बना रहता हैं।

आप  विशेषज्ञ योग शिक्षक के सानिध्य में ही योग का अभ्यास करें।

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