Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in Hindi- Neck Stretching Exercises

Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in Hindi- Neck Stretching Exercises

Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in Hindi- Neck Stretching Exercises

 

आप गर्दन और कंधों के दर्द से परेशान है, तो यहाँ बताये गए Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief – Neck Stretching Exercises को करके आसानी से दूर कर सकते है।

गर्दन और कन्धों के दर्द को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं, लेकिन कई बार यह दर्द बेहद खतरनाक साबित हो सकता है जिसे सर्वाइकल पेन कहते हैं।

Neck And Shoulder Pain किसी भी उम्र में महिला पुरुष या बच्चों को हो सकता है।

 

गर्दन और कन्धों में दर्द होने के कारण ?-Due to neck and shoulder pain?


आज की जीवनशैली में ऑफिस से लेकर घर तक ज्यादातर लोग दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हैं।

ये छोटी सी आदत कई बार गंभीर रोगों को बुलावा दे सकती है।

इस समय में हम एडवांस टेक्नोलॉजी के युग में रहते हैं ।

आज मोबाइल फोन दुनियाभर में सबसे व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या आप ज्यादा मोबाइल फोन का इस्तमाल करते है? जिसकी वजह से गर्दन में दर्द रहता है? या फिर सिर में दर्द ? या कंधों में दर्द रहता है ?

 

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आज के भागदौड़ के समय में कमर दर्द, गर्दन दर्द, और कंधों के दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है।

क्योंकि जब आप लंबे समय तक बैठकर या खड़े होकर गर्दन को झुकाकर कोई कार्य करते है, तो गर्दन दर्द या कंधों में दर्द का अनुभव होता है।

इसके लिए डॉक्टरी सलाह तो जरूरी ही है साथ ही  Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in hindiसे भी इस दर्द से छुटकारा मिल सकता है।

 

Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in Hindi- Neck Stretching Exercises in Hindi.

Causes Of  Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief in Hindiगर्दन और कंधों के दर्द होने के कारण ?

ज्यादा देर तक एक ही पोस्चर में बैठे रहने तथा ज्यादा समय तक गाड़ी चलाने से हो सकता है।

गलत उठने- बैठने के करण यह Neck and Shoulders Pain की समस्याओं का सामना लोगों को करना पर रहा है।

कोई भी काम को एक ही पोस्चर में ज्यादा समय तक करते रहने से उस पोस्चर से संबंधित अंगों में दर्द या अकड़न की समस्या का अनुभव होता है।

जो व्यक्ति ज्याद समय तक ऑफिस या कंप्यूटर पर गर्दन को झुकाकर काम करते है, उन्हें गर्दन दर्द व कंधे के दर्द की समस्या होने की संभावना अधिक होती है।

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गर्दन और कन्धों के दर्द की समस्या एक ही पोस्चर में बैठने से हमारे Cervical Vertibra में कोई मूवमेंट नहीं होता है।

उस वजह से हड्डियों और समग्र ग्रीवा बांस क्षेत्र प्रभावित हो जाता हैं और सिर के पीछे लगातार गर्दन दर्द, अकड़न कंधे या सिर दर्द का कारण बनता है।

जिसके कारण दो कोशिकाओं के मध्य जगह कम होने लगता है, जिससे उस vertibra के मासपेशियों और Neck and shoulder में pain होने लगता है।

यही दर्द धीरे-धीरे Cervical Spondlites के दर्द में परिवर्तित हो जाता है।

Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief In Hindi– गर्दन और कंधों के दर्द होने के ये भी कारण हो सकते है?

  • ज्यादा समय तक कम्प्यूटर या लेपटॉप पर गर्दन झुकाकर काम करने से भी हो सकता है।
  • अधिक समय तक गर्दन झुकाकर पढ़ने से भी गर्दन दर्द हो सकता है।
  • झटके से किसी वजन वाले सामान को उठाने से भी हो सकता है।
  • गलत पोस्चर के कारण गर्दन और कन्धों में दर्द हो सकता है।
  • एकाएक सोते हुए उठने से गर्दन और कन्धों के दर्द हो सकता है। 
  • गलत तरिके उठने बैठने से गर्दन और कन्धों के दर्द हो सकता है।
  • ज्यादा एक्सरसाइज करने से भी हो सकता है।
  • गलत तरिके से सोने से भी हो सकता है।
  • ज्यादा देर तक गाड़ी चलाना।

 

इस दर्द को सही समय पर समय रहते उपचार नहीं किया गया तो, यह दर्द अन्य किसी और अंगों तक फैल सकता है।

योगासन/ Yoga करने से आपके गर्दन और कंधों के दर्द में काफी राहत मिल सकती है।
क्योंकि Yoga करने से शरीर के विकार दूर होते है।

योग गर्दन की मांसपेशियों में मजबूती देती है व मूवमेंट में बढ़ोतरी और उसके लचीलेपन को बढ़ाता है।

अब वो दिन गए जब स्पोंडिलोसिस सिर्फ उम्र बढ़ने के कारण होता था।

 

अगर सही समय पर उचित इलाज न किया जाये तो ये सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का रूप ले लेता है।

जिसके कारण उस अंगों को हिलाने-डुलाने में दर्द का एहसास होता है।

अगर आपको भी गर्दन या कंधे के आसपास दर्द का एहसास होता है तो यहाँ बताए गए उपाय व Yoga For Neck Pain And Shoulder Pain Relief  In Hindi- Neck Stretching Exercises को करके लाभ ले सकते है।

 

योग से गर्दन दर्द और कंधों के दर्द से छुटकारा पाएं।

 इस समस्या का कोई स्थाई समाधान है तो वो है योग।

योगाभ्यास करके इस बीमारी को जड़ से ठीक किया ज सकता है। तो आइये जानते है Yoga For Neck Pain And Shoulder Pain Relief in Hindi.

 

Neck Rotation in Hindi ।। ग्रीवा सञ्चालन :

ग्रीवा संचालन योगासन के अभ्यास से गर्दन और कंधों के दर्द से सम्बन्धित कई परेशानियों में लाभ मिलता है, और Neck And Shoulder Pain Relief  होता है ।


जिन व्यक्ति को लम्बे समय तक गर्दन को एक ही स्थिति में रखकर काम करना होता है, उन्हें इस आसन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

  • सर्वप्रथम किसी सुखासन या आराम की मुद्रा में बैठ जाएँ।
  • इस अभ्यास के दौरान गर्दन के मूवमेंट के अनुसार श्वास-प्रश्वास करें।
  • इस योग क्रिया में श्वसन पर भी नियंत्रण करने का अभ्यास किया जा सकता है।
  • गर्दन को श्वास लेते समय ऊपर की ओर उठायें।
  • श्वास को छोड़ते हुए गर्दन को निचे की ओर लाएं, ये ऊपर और नीचे को १०-१० बार करे।
  • अब श्वास लेते हुए गर्दन सीधी करे।
  • श्वास छोड़ते हुए गर्दन को बाएं कंधे की ओर झुकाएं।
  • फिर श्वास लेते हुए गर्दन सीधी करे।
  • श्वास छोड़ते हुए गर्दन को दाएं कंधे की ओर झुकाएं, ये दाएं और बाएं को १०-१० बार करे।
  • अब श्वास लेते हुए गर्दन सीधी करे।
  • श्वास छोड़ते हुए गर्दन को बाएं कंधे की ओर होते हुए पीछे की ओर देखें।
  • फिर श्वास लेते हुए गर्दन सीधी करे।
  • श्वास छोड़ते हुए गर्दन को दाएं कंधे की ओर होते हुए पीछे की ओर देखें, ये दाएं और बाएं को १०-१० बार करे।

     

     

Yoga For Neck And Shoulders Pain Relief- इस अभ्यास को करते हुए अनावश्यक रूप से ज्यादा तनाव नहीं देना चाहिए।

 

Yoga For Shoulder Rotationin Hindi ।। स्कंध संचालन :

  • इस अभ्यास को करने के लिए किसी सुखासन में बैठें।
  • फिर दोनों हाथों के हथेली को दोनों कंधे पर रखे।
  • अब दोनों कोहनी को आपस में मिलाकर श्वास लेते हुए ऊपर की ओर उठाते हुए पीछे की ओर ले जाएँ।
  • श्वास छोड़ते हुए कोहनियों को आपस में मिलाकर आगे की ओर लाएं, ये अभ्यास ५ से १० बार करे।
  • फिर दोनों कोहनी को आपस में मिलाकर श्वास लेते हुए नीचे से पीछे की ओर ले जाते हुए ऊपर की ओर उठाये।
  • श्वास छोड़ते हुए कोहनियों को आपस में मिलाकर आगे की ओर लाएं, ये अभ्यास ५ से १० बार करे।

Gomukhasana in Hindi गोमुखासन:

 

 

गोमुखासन करने का तरीका बहुत ही सरल है, आप नीचे बताए गए Gomukhasana को करके अच्छे से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

इन सभी अभ्यासों को करने से Neck stretching होता है जिससे गर्दन और कन्धों के दर्द में आराम मिलता है।

  • सबसे पहले आप अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं और अपने दोनों हाथ बगल में रखें।
  • बाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए दाएं नितंब (Buttocks) की साइड से जमीन पर रखें।
  • इसी प्रकार दाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पांव के ऊपर से लाएं और दाएं एडी को बाए नितंब के पास रखें।
  • अब आप बाएं हाथ को उठाएं और इसको कोहनी से मोड़ते हुए अपने कंधों के पीछे ले जाएं।
  • दाएं हाथ को उठाकर कोहनी से मोड़ते हुए उपर की ओर पीठ के पीछे ले जाएं।
  • हाथो को इस प्रकार रखे की पीठ के पीछे यह एक दूसरे से पकडे जा सके।
  • जितना हो सके शरीर को सीधा रखने का प्रयास करे।
  • जहां तक हो सके आगे देखने का प्रयास करें और अपने हिसाब से आसान को धारण करें।
  • अब अपने पेरों को बदलते हुए इसे दोबारा करने की कोशिश करे।
  • इस तरह से आप गोमुखासन को 3 से 5 बार करें।

 

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Bhujangasana in Hindi । भुजंगासन :

 

भुजंगासन को करने से हमारे रीढ़ की हड्डी सशक्त और मजबूत होती है,और पीठ में लचीलापन आता है।

यह आसन फेफड़ों की शुद्धि के लिए भी बहुत अच्छा है।

जिन लोगों का गला खराब रहने की, दमे की, पुरानी खाँसी अथवा फेंफड़ों संबंधी अन्य कोई बीमारी हो, उनको भी यह आसन करना चाहिए।

Bhujangasana को करने से पित्ताशय की क्रियाशीलता बढ़ती है और पाचन-प्रणाली की कोमल पेशियाँ मजबूत बनती है।

  • इससे पेट की चर्बी घटाने में भी मदद मिलती है।
  • पीठ में स्थित इड़ा और पिंगला नाडि़यों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
  • विशेषकर, मस्तिष्क से निकलने वाले ज्ञानतंतु बलवान बनते है।
  • पीठ की हड्डियों में रहने वाली तमाम खराबियाँ दूर होती है।
  • भुजंगासन को करने से कब्ज भी दूर होता है तथा बवासीर

 

How to do bhujangasanaभुजंगासन कैसे करें ?

 

  • भुजंगासन को करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएँ।
  • दोनों पैरों के अँगुलियों को आपस में मिलाकर रखें।
  • उसके बाद दोनों पैर एकदम सीधे रखें, पाँव और एड़ियों को भी एकसाथ रखें।
  • दोनों हाथ, दोनों कंधो के बराबर नीचें बगल में रखे।
  • तथा दोनों कोहनियों को शरीर के समीप और समानान्तर रखें।
  • दीर्घ श्वास लेते हुए, धीरे से सिर, फिर छाती और बाद में पेट को उठाएँ।
  • अपने नाभि को ज़मीन पे ही रखें।
  • अब शरीर को ऊपर उठाते हुए, दोनों हाथों का सहारा लेकर, कमर के पीछे की ओर खीचें।
  • दोनों बाजुओं पे एक समान भार बनाए रखें।
  • सजगता से श्वास लेते हुए, रीड़ के जोड़ को धीरे धीरे और भी अधिक मोड़ते हुए दोनों हाथों को सीधा करें; गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें।
  • आवश्यकता हो तो कोहनियों को मोड़ भी सकते हैं।
  • अपनी क्षमतानुसार ही शरीर को तानें, बहुत ज़्यादा मोड़ना हानिप्रद हो सकता हैं।
  • श्वास छोड़ते हुए सबसे पहले पेट, फिर छाती और बाद में सिर को धीरे से वापस ज़मीन ले आयें।

इन सभी अभ्यासों को करने से Neck Stretching होता है जिससे गर्दन और कन्धों के दर्द में आराम मिलता है तथा दर्द दूर भी होता है

Yoga For Neck And Shoulder Pain Relief – Neck Stretching Exercises in Hindi.

गर्दन और कन्धों के दर्द दूर करने के और भी आसान और उपाय हो सकते है।

यहाँ बताये गए आसनों का आप सही तरिके से अभ्यास करेंगे Neck and shoulder pain में  बहुत ही लाभ होगा।

 

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